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Stock Market News: निफ्टी में साप्ताहिक 2.36% की गिरावट, 23,200 पार करने पर तेजी के संकेत; 22,800 अहम सपोर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | निफ्टी में साप्ताहिक 2.36 फीसदी की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अगले सप्ताह के कारोबार पर है। जानिए 22,800 का सपोर्ट, 23,200 का रेजिस्टेंस, बैंक निफ्टी के अहम स्तर और बाजार विशेषज्ञों का अनुमान।

30 अक्टूबर 2026 | भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। हालांकि, दो दिनों की इस रिकवरी से पूरे सप्ताह की कमजोरी की भरपाई नहीं हो सकी। निफ्टी साप्ताहिक आधार पर 2.36 फीसदी टूट गया। अब निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह के कारोबार पर है, जहां 23,200 का स्तर बाजार की तेजी के लिए बड़ी परीक्षा बन सकता है।


बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट और 23,170 से 23,200 का दायरा महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। इन स्तरों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।


शुक्रवार की रिकवरी से बाजार को मिली राहत


अक्टूबर के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने दिन के निचले स्तर से लगभग 213 अंकों की वापसी की। कारोबार के दौरान इंडेक्स 23,118 के स्तर तक पहुंचा। हालांकि, दोपहर के बाद मुनाफावसूली के कारण तेजी कुछ कमजोर पड़ी, लेकिन बाजार बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।


एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी दिखाई दी। आईटी शेयरों में मजबूती रही। ट्रेंट का शेयर छह फीसदी से अधिक चढ़कर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा।


एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह के मुताबिक, ट्रेंट और इंडिगो ने निफ्टी को सहारा दिया, जबकि अदाणी पोर्ट्स और श्रीराम फाइनेंस की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया।


निफ्टी के लिए 22,800 और 23,200 क्यों हैं अहम?


अगले सप्ताह बाजार की दिशा समझने के लिए निवेशकों को दो महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखनी होगी।


एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,850 से 22,800 के बीच मजबूत सपोर्ट है। यदि इंडेक्स इस दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है और बाजार 22,650 की ओर फिसल सकता है।


दूसरी तरफ 23,170 से 23,200 का स्तर बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस दायरे के ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर बाजार में नई खरीदारी का माहौल बन सकता है।


एनरिच मनी के पोनमुडी आर भी 23,200 को निफ्टी के लिए प्रमुख रुकावट मानते हैं। उनके मुताबिक, इस स्तर के पार निकलने पर अगला लक्ष्य 23,400 का रेजिस्टेंस हो सकता है। नीचे की ओर 23,000 से 22,900 के बीच शुरुआती सहारा मिलने की संभावना है।


तकनीकी संकेतों में दिख रही है सुधार की उम्मीद


तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी का RSI बढ़कर 53.50 पर पहुंच गया है। 50 से ऊपर का स्तर बाजार में खरीदारी की बेहतर स्थिति का संकेत देता है। हालांकि, केवल इस संकेतक के आधार पर तेजी की पुष्टि नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों के मुताबिक, 23,200 के ऊपर टिकना बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगा।


ऑप्शंस बाजार भी दे रहा है अहम संकेत


एनरिच मनी के विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी ऑप्शंस में 23,200 और 23,500 की स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ओपन इंटरेस्ट का जमावड़ा है। इससे इन स्तरों के आसपास बिकवाली का दबाव सामने आ सकता है।


वहीं, 22,500 से 22,800 के दायरे में पुट ओपन इंटरेस्ट अधिक होने से इस क्षेत्र को संभावित सपोर्ट जोन के रूप में देखा जा रहा है।


बैंक निफ्टी में भी सतर्क रहने की जरूरत


बैंकिंग इंडेक्स बैंक निफ्टी के लिए भी अगले सप्ताह का कारोबार महत्वपूर्ण रहने वाला है। शुक्रवार को यह 55,000 के ऊपर मजबूती से टिकने में नाकाम रहा।


एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, बैंक निफ्टी के लिए 54,300 से 54,200 का दायरा अहम सपोर्ट है। इसके टूटने पर बिकवाली बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ 55,100 से 55,200 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस रहेगा।


एनरिच मनी के अनुसार, 54,600 से 54,400 के बीच शुरुआती सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 54,000 से 53,800 तक कमजोर हो सकता है। वहीं 55,200 के ऊपर मजबूती मिलने पर 55,600 से 55,800 का अगला रेजिस्टेंस सामने आ सकता है।


बैंक निफ्टी का RSI 47.66 पर रहने से इसमें खरीदारी की ताकत फिलहाल निफ्टी की तुलना में कमजोर दिखाई दे रही है।


किन सेक्टरों में मिल सकते हैं अवसर?


वेंचुरा के हेड ऑफ रिसर्च विनीत बोलिंजकर के मुताबिक, अगले सप्ताह बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। कंपनियों के तिमाही नतीजे कुछ शेयरों को सहारा दे सकते हैं, लेकिन वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां निवेशकों को सतर्क रख सकती हैं।


बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज के अलावा आईटी और फार्मा सेक्टर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ऑटोमोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर भी निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं।


कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर


बाजार की अगली चाल में कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एनरिच मनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिकी WTI क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा था।


तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि इससे कंपनियों की लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और इंडिया विक्स में बदलाव भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।


निवेशकों के लिए अगले सप्ताह की रणनीति


कुल मिलाकर बाजार में शुक्रवार की रिकवरी से उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी मजबूत तेजी की पुष्टि नहीं हुई है। निफ्टी का 23,200 के ऊपर टिकना तेजी के अगले चरण के लिए जरूरी माना जा रहा है। वहीं 22,800 का स्तर टूटने पर बाजार में दोबारा दबाव बढ़ सकता है।


ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के वित्तीय नतीजों, बाजार की दिशा और जोखिम को ध्यान में रखकर कदम उठाना चाहिए।


डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई बाजार संबंधी राय और तकनीकी स्तर विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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